Monday, 20 July 2015

Ajit Vadakayil hindi --PERFECT BLACK BODY -- CAPT AJIT VADAKAYIL--आदर्श कृष्णिका या परफेक्ट ब्लैक बॉडी ( फ़िज़िक्स भोतिकी ) केप्टेन AJIT VADAKAYIL


आदर्श कृष्णिका या परफेक्ट ब्लैक बॉडी - कैप्टन AJIT VADAKAYIL 








आदर्श कृष्णिका या परफेक्ट ब्लैक बॉडी - कैप्टन AJIT VADAKAYIL द्वारा

भारतीय एक काले रंग का पत्थर अन्तरिक्ष से आया हुआ शिव लिंगम -- पिछले 9000 वर्षों से पूज रहे हैं 

मक्का MECCA के अंदर ( मुसलमान ) मूल अतः एक काला पत्थर है ।


जेरूसलम JERUSALEM "रॉक डोम" Dome of Rock के अंदर -- ( ईसाई/ यहूदियों/ मुसलमान ) मूल एक काला पत्थर है ।

काला या कृष्ण एक अच्छा विकिरक या रेडिएटर radiator और एक अच्छा सोखनेवाला absorber रंग है-

-- क्यों ऊपरवाले ने या अच्छे प्रभु ने उष्णकटिबंधीय या tropical इलाकों में जीवित लोगों को काला बनाया-

क्यों अरबीए महिलाओं को काला पहनने के लिए मजबूर किया जाता है ( घर के भीतर छाया में उन्हें रहने के लिए ) और पुरुष सफेद पहनते हैं ( वे उबलती हुई धूप में हर समय बाहर रहते हैं )?

मेरे जहाजों पर मैं अपने monkey island silver जहाज़ के ऊपरी डेक या पिछले हिस्से में काला रंग करवाता हूँ 

भारत में चांदी रंग की silver colour कार खरीदना समझ में आता है, क्योंकि अगर तेरी कार काली है तो 2 एसी AC फिट करने की जरूरत है । एक गर्म दिन में तू एक काले रंग की कार पर ऑम्लेट बना सकते हैं ।

भारतीय महिला 6 सहस्त्राब्दियों millenniums से अपनी आँखें पर काजल या कोःल या LAMP BLACK लगा रही हैं-आकर्षक बनाने के लिए नहीं - लेकिन वैज्ञानिक कारणों के लिए--

काजल अपने पर पड़ने वाली सभी दीप्तिमान ऊर्जा light energy अवशोषित या absorb कर लेता है । 
  
सभी प्रकाश की ऊर्जा सोंख ली ताति है नकी बाहर फेंक दी जातियो है--- 

--और इसलिए ( हाँहाँ !!!! ) सतह काले रंग की दिखेगी-- सम्पूर्ण शक्ति को सोंखनेवाला यह आदर्श कृष्णिका। 

एक बॉक्स में एक छोटा सा छेद करना अंदर से पूरा चट काला काजल लगा कर, 98% प्रकाश या लाइट कभी बाहर ही नहीं आ पाएगी । यदि बॉक्स अंदर से चांदी रंग में पोलिश होता-जैसे मेरे जहाज़ के डेक में 
तो सिर्फ 6% लाइट बाहर ही सोंख पाता और बाकी सारी लाइट फेंक देता ।

काजल लोहे के चैनलों पर छोटे छोटे जमा काली और घनी राख को ठोक कर ( जैसे चिमनियों में दरारों में राख़ जम जाती है ) , फिर जमा राख को खुरेद कर निकालते हैं ।

एक फार्मूला वन रेस कार या यहां तक ​​कि एक साधारण तेल ट्रक टायर के वजन के एक चौथाई वजन ये काला कार्बन होता है , जिससे इलेक्ट्रोस्टेटिक चार्ज electrostatic charge टायर पर ना बने , जिसके कारण टायर का रबड़ चार्ज संचालित करके टायर की गर्मी भगाता है- वरना वो पिघल जाएगा।

ब्लैकबॉडी या कृष्णिका, अपनी सतह पर पड़ती ऊर्जा सोंखती है बिना तरंगो में भेदभाव करे-- और इसीलिए ब्लैक्बौडी कृष्णिका कहलाती है क्योंकि वो लाइट नहीं फेंकती । 

ऐसा कोई पूर्ण / आदर्श वस्तु अस्तित्व में नहीं इस गृह पर ( भारतीय मंदिरों में शिव लिंगम को छोड़कर ), जबकि कार्बन ब्लाक सब पर 3% ऊर्जा छोड़ कर सोंखता है ।

सिद्धांत रूप में, एक कृष्णिका एक आदर्श वितरक emitter है, और किसी भी विशिष्ट specific temperature तापमान पर यह अकेले अधिकतम ऊर्जा का वितरण करता है किसी और से ज्यादा ।  
एक वस्तु सफेद लग रहा है, तो सभी या लगभग सभी ऊर्जा विकृत या बाहर फेंकी जा चुकी है 

संक्षिप्त: एक वस्तु जो सभी अपने पड़ती सभी ऊर्जा को सोंख ले वे एक कृष्णिका या ब्लेक्बोडी है । 

इसीलिए एक सम्पूर्ण कृष्णिका जैसे शिव लिंगम को लगातार पानी की बुंदों में रखा गया है । 


सभी दक्षिण भारतीय मंदिरों में मूर्तियाँ लघु और काली हैं--जो ऊर्जा का वितरण करती हैं । (उत्तर भारतीय मंदिरों में विशाल सफेद प्रतिमाएँ हैं--एक पवित्र मूर्तियों की गुजर जाना)

Saturday, 11 July 2015

Ajit Vadakayil hindi--GLOBAL WARMING AND GREENHOUSE GASES-- CAPT AJIT VADAKAYIL--ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस गैस -- कैप्टन AJIT VADAKAYIL

Original Link --



ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस गैस --कैप्टन AJIT VADAKAYIL




ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस गैस --कैप्टन AJIT VADAKAYIL


--- कोई भी अगर यह सोचता है कि कैप्टेन vadakayil बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहा है गायों के पादने के बारे में बात करके—तो वह बेवकूफ है |

गोज़ या पाद गैस FART GAS कुछ और नहीं शुद्ध मीथेन METHANE CH4-- जिसमे 1 कार्बन परमाणु या एटम स्निग्ध हाइड्रोकार्बन aliphatic hydrocarbon-- दो कार्बन परमाणुओं इथेन ethane बनते हैं, और 3 प्रोपेन बनाता है-- C1 से C4, C5 से C9 कार पेट्रोल, C10 से C18 कार डीज़ल diesel है--

सुमुद्री जहाजों को ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस प्रभाव के लिए दोषी ठहराया जाता है, सागर में पेट्रोलियम petroluem आदि के नुकसान की वजह से---


 नहीं!

गूगल खोज GOOGLE SEARCH पर जा और डालो cows farting belching और देखो कितनि संख्या में तरीके आप इस गैस के इस्तेमाल  के और यदि किफायती ढंग से, रसोई घर में इसका इस्तेमाल करें तो आपका नोबल पुरस्कार कहीं नहीं जाता |


गाय लॉबी LOBBY या गाये समर्थन वर्ग बहुत ताकतवर है-- लेकिन वे vadakayil, को चंपू नहीं बना सकते , जिसने खुद के 2 बच्चों को 2 children (गाय का) दूध नहीं दियाक्योंकि यह मनुष्य के लिए हानिकारक है | कैल्शियम CALCIUM आसानी से भोजन से प्राप्त किया जा सकता है।


कोई जानवर किसी दूसरे पशु का दूध नहीं पीता । सिर्फ तभी जब गाय स्वेच्छा से दूध बछड़े को पिलाती है-- दूध का पहला प्रवाह जो ममता द्वारा प्रेरित है बछड़े के लिए --विषाक्त या जहरीला TOXIC नहीं है।

बॉलीवुड फिल्में भी ममता और क्षमता पूरी तरह भरा है, सही है? यहाँ तक की ममता पर संगीत प्रतियोगिता भी चल रही है

मशीन से निकाला गया दूध विषैला होता है क्योंकि गाय के मस्तिष्क जहरीले या विषाक्त रसायन छोड़ते हैं । ( सरल तौर में प्यार और बलात्कार के बीच अंतर ) । इस विषय क्वांटम ऊर्जा QUANTUM ENERGY है।

यहां तक ​​कि बछड़े को शिशु अवस्था के बाद से ही लात मार दी जाती है। एक तेजी आती हुई लॉरी या मशीन के सामने सरल और बेगरज या निस्वार्थ गाय हिलती तक नहीं है लेकिन वो अपने बछड़े के लिए हमेशा चिंता करती है

हम भारतीयों गाय की पूजा यही कारण से करते हैं

हाल ही में मैने सभी भारतीय टीवी चैनलों को लिखा एनडीटीवी NDTV / टाइम्स नाओ TIMES NOW / सीएनएन-आईबीएन CNN-IBN आदि, की वो क्या बकवास है की मुंबई के नागरिकों एक घंटे के लिए बिजली बंद रखे और बल्ब से बदल कर सीएफएल लगा ली” । ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस प्रभाव बल्ब की गर्मी से नहीं --- मीथेन METHANE / CO2 गैसों आदि के द्वारा होता है ।

दूध या संतृप्त वसा यानि SATURATED FAT हानिकारक है । अधिकतम  भारतीयों को तीन साल की उम्र के बाद लैक्टोज असहिष्णुता यानि LACTOSE INTOLERANCE है -- सरल भाषा में दूध से एलर्जि , जब हम बहुत ज्यादा दूध पीते हैं तो कई देर तक पादते हैं --(दही हानिकारक नहीं है--यह अनुकूल anaerobic बैक्टीरिया है)|

पेट की अस्तर कोशिकाओं यानि STOMACH LINING CELLS 4 दिनों में 100 प्रतिस्थापित या बदलते हैं। यह मल की बनावट यानि पतला है या सक्त , में निहित है।

भारतीए जीभ क्लीनर या नीम का उपयोग इसीलिए करते हैं क्योंकि हमारे योगि 6000 साल पहले जानते थे की हर 8 दिनों में जीभ की कोशिकाएँ बदलती हैं

सच्चे योगियों ने कभी दूध नहीं पिया

उपरोक्त ज्ञान एक जहाज़ चलाने के लिए आवश्यक नहीं है--बल्कि यह सबसे अधिक महत्वपूर्ण है अपनी खुद की जैविक उम्र -- और अपने ग्रहके के लिए!

यह शायद सबसे अधिक महत्वपूर्ण ज्ञानवरदक पोस्ट पढ़ा होगा आपने एक लंबे समय में या भविष्य में पड़ेंगे 



अपने शुभ चिंतकों के लिए चारों और फेलाएं |

Ajit Vadakayil hindi --VEDIC PRACTISES IN MECCA/ MACCA -- AJIT VADAKAYIL--मक्का में वैदिक आचरण - AJIT VADAKAYIL



मक्का में वैदिक आचरण -- AJIT VADAKAYIL








वैदिक आचरण मक्का में-- AJIT VADAKAYIL


मक्का दुनिया की अन्य सभी मस्जिदों से अलग है – जिन प्रथाओं का भीतर पालन होता है वे दुनिया भर अन्य मस्जिदों में नहीं । प्राचीन वैदिक प्रथाओं के साथ प्रमुख समानताएं हैं।

उपवास या व्रत संक्रांति और विनायक चतुर्थी पर तोड़ा जाता है भोर DAWN में चाँद देखने के बाद । वर्धमान चाँद CRESCENT MOON नया चाँद NEW MOON के सूर्य उदय के 50 मिनट बाद आता है ।

वर्धमान चाँद शिव के माथे पर है । इस्लाम का झंडा यही है । तमिलनाडु में प्राचीन कबालीस्वरन Kabaaliswaran मंदिर शिव मंदिर है ।


जहां शिव वहाँ शुद्ध गंगा होनी चाहिए (मक्का रेगिस्तान के बीच में शुद्ध जम जम)।

शिव लिंग एक भारी काला उल्का पत्थर है, बाहरी अंतरिक्ष से , जिस में रहस्यमय शक्तियों और आध्यात्मिक ऊर्जा से युक्त कुंडलिनी को बड़ाया जा सकता है | एक सच्चा लिंगम इतना शक्तिशाली है की उसको नियंत्रण में रखने के लिए उस पर पानी की बूंदें लगातार डाली जाती हैं

 काला पत्थर जो दक्षिण पूर्वी कोने SOUTH EAST CORNER में ग्रेनाइट से बना हुआ मक्का मे अल हाजर उल अस्वद AL HAJAR UL Aswad कहलता है, व्यास DIAMETER में 30 सेंटीमीटर, जमीन के ऊपर 5 फीट खड़ा

यह काबा के दक्षिण पूर्वी कोने का पत्थर है । यहाँ इसकी नकल की हुई है । हिंदू धर्म वास्तु में शुभ कोना 'कन्नि मूल Kanni moola' या उत्तरी पश्चिम कोना है।

सभी मंदिरों में हिंदु पश्चिम की दिशा में नमन करते हैं जबकि देवता के दरवाजे पूर्व की दिशा में होते हैं

काबा पत्थर पर संस्कृत में शिलालेख INSCRIPTIONS थे ।


 वैदिक प्रथाओं में भक्तों को सहज सफेद चादर में मंदिरों में प्रवेश करने की आवश्यकता होती है।

वैदिक प्रदीक्षणम pradikshanam (परिक्रमा) CIRCUMAMBULATION दक्षिणावर्त CLOCKWISE , गोल 7 बार चल कर की जाती है । मुसलमान अब पत्थर को चूम नहीं सकते जो शरीर के सात चक्रों को स्क्रीए कर देता है, जैसा पैगंबर ने करा था, क्योंकि मध्य युग में पत्थर टूट गया था और अब चांदी और कीलों द्वारा जोड़ा गया है | भक्त अब उसकी तरफ उंगली उठा कर या हाथ जोड़ कर प्रत्येक 7 उल्टे दक्षिणावर्त चक्कर ANTI CLOCKWISE लगाते हैं |

रहस्यमय संख्या 786 कुरान में पवित्र है। यह सब अरबी कुरान पर छपा हुआ है, हालांकि कोई भी, यह क्या है व्याख्या करने में सक्षम नहीं हो पाया है। 

संस्कृत में ओम ( ध्वनि तरंग 7.83 यूनिट ) लिखें और एक दर्पण के सामने रखे और आप जादू की तरह देवनागरी लिपि में संख्या 786 देख सकते हैं ।

काबा सदियों से एक तीर्थ स्थल था, राजा विक्रमादित्य Vikramaditya के दिनो से-गुरु नानक ( एक गैर मुस्लिम ) भी वहाँ गए थे

ब्रिटैनिका विश्वकोश कहती है काबा में 360 मूर्तियाँ के साथ साथ राजा विक्रमादित्य का सोने में, एक मंदिर में है जिसे इशालयम Ishalayam कहते हैं | राजा विक्रमादित्य इस्लाम के जन्म होने के 7500 साल पहले राज करते थे  | मूर्ति पूजन इस्लाम में मना है |

भारतीय मुसलमानों का ऊपरी शब्दों को एक खुले दिमाग से पड़ना अति आवश्यक है | अंततः सारी प्राचीन वैदिक संस्कृति या जीवन जीने की शेली सारे भारतीयों एवं उप महाद्वीप की है -–ना की सिर्फ हिंदुओं की | वैदिक संस्कृति इस्लाम से 9500 साल पहले स्थापित है |


सरस्वती नदी के तट पर सरस्वती सभ्यता 9000 ईसा से 4000 ईसा तक पूरे विश्व सभ्यता का उद्गम स्थल है । सरस्वती नदी 4000 ईसा पूर्व में (प्रलय) धरती के टेक्टोनिक शिफ्ट TECTONIC SHIFT ने हिमालयी ग्लेशियर स्रोत में अवरुद्ध BLOCK करा जिस के कारण अभिजात वर्ग एवं जन मानस को मेसोपोटामिया, यूरोप, रूस के लिए और पूरे भारत में भारी संख्या में पलायन करना पड़ा । सिंधु घाटी सभ्यता INDUS VALLEY CIVILISATION सरस्वती नदी के सूखने के बाद शुरू हुई, और यमुना गंगा में तब से समाने लगी

मेरे पाकिस्तानी सेकंड इंजीनियर SECOND ENGINEER, जिसने कांधार KANDHAR और ईरान में कई वर्षों के तक धार्मिक अध्ययन किया , बताया की जितनी बार वो मक्का गया उसके दोस्त और रिश्तेदारों उसे दर्जनों रेशम के रूमाल, काले पत्थर पर रगड़ने के लिए देते । और जितनी बार वो कुछ समय लगाता , उसे किसी न किसी से कोड़ा या मार पड़ती जिसको ऐसा करने के लिए भत्ता दिया गया था | (उन को पीटने को जो समय बर्बाद करते हैं )
  
इब्ब्न बतूता की खोजे कहती हैं की कैलिकट केरल ( CALICUT KERAL ) के राजा चेमन पेरूमल CHEMAN PERUMAL का एक पुजारी एवं मुनीम था शिव मंदिर ( पश्चिम द्वारा कहा जाता है बुतपरस्त या प्रतिमा मंदिर PAGAN TEMPLE ) मक्का में जो ऊंटों के लिए एक पानी का नखलिस्तान या शाद्वल था , जेरूसलेम और पेट्रा के मार्ग के बीच में

जो कुछ कारणों के लिए, परेशान राजा ने मक्का के लिए यात्रा करने का फैसला किया , जैसे ही उसने सुना कि मोहम्मद ने इस्लाम की स्थापना की और एक काले पत्थर को , काबा के दक्षिण पूर्वी कोने में स्थापित कर दिया

उन्होंने केलिकट से सलालाह के लिए एक जहाज लिया और सलालाह से मक्का के लिए कारवां मार्ग से चले गए । उन्होंने वहाँ मोहम्मद से मुलाकात की , और इस्लामी चर्चा है कि वह इस्लाम से प्रभावित था और हिंदू से परिवर्तित हो कर मुस्लिम बन गया ।

केलिकट में राजा के दरबार, ने इस रूपांतरण का रिकॉर्ड नहीं है, हालांकि संदेश, वाहक कबूतरों और बाज़ के द्वारा तेजी से भेजे गए थे । इस्लामिया विश्वकोश ENCYCLOPEDIA ISLAMIA स्वीकार करता है की: मोहम्मद के दादा और चाचा ताऊ काबा मंदिर के वंशानुगत याजक या पुजारी थे जिसमे 360 वैदिक मूर्तियाँ राखी हुईं थी!” ब्रिटैनिका विश्वकोश BRITANNICA ENCYCLOPEDIA ने भी यह रिकॉर्ड करा है

इब्ब्न बतूता कहता है की चेरामन पेरूमल ने कुछ खट्टा केलिकट का अदरक का अचार मोहम्मद को दिया जिसने वह बड़े मज़े के साथ खाया | पैगंबर ने उसे अपने सहपाठियों में बाँट दिया । मुझे भी एक टुकड़ा खाने को मिला --हकीम कहता है अल मुस्थ्द्रक ‘al musthadrak में |

केलिकट वापस लौटते वक्त, राजा बीमार पड़ गए और सलालाह, ओमान में दफना दिया ( सलालाह में कुछ लोग कहते हैं की उन्हे वहाँ मारा गया था ).. यह एक तीर्थस्थल है, जैसा मुसलमान कहते हैं की हिन्दू राजा को मोहम्मद द्वारा परिवर्तित करने के बाद उन्हे हज़रत साएदीना मोहम्मदूर रसूल ने एक मुस्लिम नाम दिया गया तजुद्दीन


मोहम्मद पैगंबर के 632 ईस्वी में मरने के बाद , 8 जून , उनका वफादार शिष्य मलिक बिन दिनार केलिकट जहाज से 643 ईसा को पहुंचा , सलालाह में तजुद्दीन ( राजा चेरामन पेरूमाल ) की दरगाह देखने के बाद,

उसके हाथ में राजा चेरामन पेरूमाल का मलयाली में खत जिसमे केरल में मस्जिदों का निर्माण करने की मोहम्मद को अनुमति दे दी है । तो मलिक बिन दिनार पहला क़ाज़ी बना पहले मस्जिद में कोडुङ्गल्लूर KODUNGALLUR केरला में । कोडुङ्गल्लूर हिन्दू राजा चेरामन पेरूमाल के शासनकाल में त्योहारों का केंद्र था कि ।

नीचे वीडियो देखिये--



मुसलमान 786 के बदले वाक्यांश بسم الله الرحمن الرحيم bism iIllah ir-rahman ir-rahim (अल्लाह, दयालु, दयालु के नाम में)

बॉलीवुड फिल्म कुली में अमिताभ बच्चन पीतल का टैग 786 है, और उसका वरिष्ठ इस्लामी विद्वान कुली दोस्त उसे बताता है की इस्लाम में इस संख्या, हिंदू धर्म में ओम मंत्र के बराबर है ।

मोहम्मद 570 ईसा में जन्मा था | उन्होंने 620 ईस्वी में इस्लाम का प्रचार किया और 632 ईसा को निधन हो गया । इसका मतलब 62 साल का जीवन अंतराल, मोहम्मद खुद एक मुसलमान था आखिर के 10 वर्ष में । उससे पहले 52 साल वह एक गैर-मुसलमान –-एक प्रतिमा पुजारी A PAGAN । और उसने केलिकट के राजा चेरामन पेरूमाल के साथ मलयालम में बात की, अदरक का अचार खाते हुए..


CAPT AJIT VADAKAYIL
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