Tuesday, 7 July 2015

Ajit Vadakayil hindi--TEA-- चाय - - कैप्टन AJIT VADAKAYIL

ORIGINAL LINK - 
http://ajitvadakayil.blogspot.in/2009/06/tea-capt-ajit-vadakayil.html


चाय - कैप्टन AJIT VADAKAYIL
































जापानी चाय समारोह या विधि - बोधी धर्म - शाओलिन मंदिर कुंगफू – उरुमी  तलवार - स्वस्तिक चाय पत्ती पढ़ने वाले कप्स

जब मैं छुट्टी पर था तब , में  हिस्ट्री चैनल पर एक कार्यक्रम देखता था


वह  2  पेशेवर अमेरिकी लड़ाकों के बारे में  था जो मार्शल आर्ट सीखने के लिए दुनिया के हर कोने  में जा रहे थे करीब - 2 सप्ताह के लिए | फिर उनमें से एक किसी भी खेल के सर्वोत्तम  लड़ाके को  चुनौती देंगे ( कराटे / कुङ्ग्फ़ु / जूडो)




वे हठी और तगड़े  थे। मुझे उनके नाम याद हैं - बिल डाफ़्फ़ bill duff और जेसन Jason । दोनों बहुत आकर्षक पात्र थे और उनमें कोई अहंकार भी नहीं था


वे चीन के शीर्ष गुप्त शाओलिन मंदिर गए । वे -- पहली बार -- हिस्ट्री चैनल वीडियो कैमरे के साथ भीतर के छुपे हुए कमरे में जहां किसी भी विदेशि को अनुमति नहीं है , वहाँ गए |


और वहाँ - बोधी धर्म का छाती पर घने बालों वाला रंगीन चित्र – लगा हुआ था



520 ईस्वी में यह मलयाली , ऊपर चित्र में ( मेरी मातृभाषा मलयालम बोलने वाला ) केरल में रहने वाला (NATIONAL GEOGRAPHIC/ WORLD TRAVELLER ) का वोट दिया हुआ - ग्रह पर 5 शीर्ष खूबसूरत जगहों में से एक ), चीन china केंटोन CANTON गया और वहां उन्होंने शाओलिन मंदिर में भिक्षुओं को – कलरी - हमारी  प्राचीन 6000 वर्ष पुरानी  मार्शल आर्ट - जो  ऋषि योद्धा परशुराम ने खोजी और स्थापित की  --- ..




आज वे वहाँ उसे  कुंग - फू कहते हैं।


यह सब केमेरे में कैद है – वहाँ के  मुख्य पुजारी ने गर्व से यह बात स्वीकार की


हमारी तलवारें कहीं गुना बेहतर थी  - 4 मीटर लंबीद्वी double धार और दाँतेदार - कभी कभार तीर को काटने के लिए 4 धारी – कमर में चूड़ी और बेल्ट की तरह पहनने वाली – विशेले खनिज युक्त जैसे पारा यानि  मरक्युरि mercury / आर्सेनिक arsenic / लेड lead जिसे उर्मि URUMI तलवार कहते हैं  


यह तलवार ने मैक वन यानि mach one ( ध्वनि की गति ) को तोड़ देती थी । ( कोई अन्य हथियार ऐसा कर नहीं सकता  -  इसलिए यह घातक तलवार उर्मि Urumi  दुश्मन को पूरा ध्वस्त करने में सक्षम है )















आप एक कोड़ा की तरह इसे घूमा कर मार सकते हैं – इसकी आवाज़ और मार ध्वनि अवरोध को तोड़ देती है !


उनको तलवार से सिर्फ एक कट लगाने की जरूरत होती थी जिससे खून बहता ही रेहता था -- ये तलवारें आज भी हमारे मंदिरों में हैं और -- विशेष दिन ही बाहर निकली जाति है --

कलारी योद्धा अपनी कमर में हल्दी का, रक्त को थक्का करने का पाउडर तथा अनेक रक्तबंद लपेट कर रखते थे |



कई लोगों को इस बात का बोध नहीं की बोधि धर्म ने ध्यान समाधि में एक गुफा की दीवार को 9 साल तक देखता रहा । वह का एक बार वह सो गया तो स्वयं को सज़ा के तौर पर , पागलपन में  उसने अपनी  दोनों पलकों  को काट  कर उन्हें फेंक दिया।







चीनीयों ने  उस स्थान को बारीकी से देखा और एक पौधे को ले गए और उसे उबाला ,  जो उसके नजदीक उगा हुआ था , यह सोच कर की , वे भी बोधि धर्म की तरह लंबा ध्यान करते वक्त नहीं सोएंगे |


यह चाय थी--TEA--जिसे पूरी दुनिया पीती है। आज भी चाय पीना सभी सुदूर पूर्व के लोगों  के लिए ध्यान का अनुभव है |






आज भी कोई भी जापान में - विस्तृत चाय पीने के अनुष्ठान का  कारण नहीं जानता


जापानी बोधि धर्म को दारुमा या डारुमा बुलातें हैं




एक चाय समारोह में सब कुछ एक स्थापना आदेश के अनुसार किया जाता है जो मेहमानों को मनोरंजक रखने का एक की सौंदर्येपूर्ण तरीका है।


चाय समारोह में चार गुणों पर जोर दिया जाता है : मेहमानों और इस्तेमाल किया जाने वाला औजार के बीच सामंजस्य ;  सम्मान respect , न केवल प्रतिभागियों के बीच लेकिन बर्तनों के लिए भी ;  सफाई cleanliness , शिंटो प्रथाओं से ली गई है और यह हाथ धोने तथा मुंह कुल्ला करने को सफाई का प्रतीकात्मक रूप में देखना तथा ये सब cha - shitsu में प्रवेश करने से पहले अनिवार्ये है ; और सौहार्द tranquillity , जो एक लंबे और देखभाल भरे तरीके से पूरे चाय समारोह के प्रत्येक वस्तु का इस्तेमाल है |

चाय की पत्ती पड़ने वाले ज्योतिष TEA LEAF READERS -- अगली बार स्वस्तिक को चाय के कप के नीचे रख कर भविष्य बताएं


और एक बात , यदि ब्रिटिश , चीन के साथ अफीम का कारोबार , चाय की बजाए कोफ़्फ़ी coffee का करते -- तो आज ब्रिटेन चाए के बदले कॉफी पीने वाले देश होता |




ब्रिटेन ने भारत में चाय की शुरुआत की है यह एक झूठ है। केरल में हम प्राचीन काल से वायनाड पश्चिमी घाट पर चाय ( tea ) उगा रहे हैं

मसालों के अरब बिचौलियों चाए से बहुत प्यार करते थे

भारत में चाय का वाणिज्यिक उत्पादन  commercial production ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी किया और भारत के पूर्वोत्तर में भूमि के बड़े हिस्से से शुरू किया गया था , विशेष रूप से चाय के विभिन्न प्रकार के उत्पाद , जो चाय बागानों के रूप में विकसित किया गया ।



अनुग्रह और शांति!





CAPT AJIT VADAKAYIL

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