Saturday, 11 July 2015

Ajit Vadakayil hindi --VEDIC PRACTISES IN MECCA/ MACCA -- AJIT VADAKAYIL--मक्का में वैदिक आचरण - AJIT VADAKAYIL



मक्का में वैदिक आचरण -- AJIT VADAKAYIL








वैदिक आचरण मक्का में-- AJIT VADAKAYIL


मक्का दुनिया की अन्य सभी मस्जिदों से अलग है – जिन प्रथाओं का भीतर पालन होता है वे दुनिया भर अन्य मस्जिदों में नहीं । प्राचीन वैदिक प्रथाओं के साथ प्रमुख समानताएं हैं।

उपवास या व्रत संक्रांति और विनायक चतुर्थी पर तोड़ा जाता है भोर DAWN में चाँद देखने के बाद । वर्धमान चाँद CRESCENT MOON नया चाँद NEW MOON के सूर्य उदय के 50 मिनट बाद आता है ।

वर्धमान चाँद शिव के माथे पर है । इस्लाम का झंडा यही है । तमिलनाडु में प्राचीन कबालीस्वरन Kabaaliswaran मंदिर शिव मंदिर है ।


जहां शिव वहाँ शुद्ध गंगा होनी चाहिए (मक्का रेगिस्तान के बीच में शुद्ध जम जम)।

शिव लिंग एक भारी काला उल्का पत्थर है, बाहरी अंतरिक्ष से , जिस में रहस्यमय शक्तियों और आध्यात्मिक ऊर्जा से युक्त कुंडलिनी को बड़ाया जा सकता है | एक सच्चा लिंगम इतना शक्तिशाली है की उसको नियंत्रण में रखने के लिए उस पर पानी की बूंदें लगातार डाली जाती हैं

 काला पत्थर जो दक्षिण पूर्वी कोने SOUTH EAST CORNER में ग्रेनाइट से बना हुआ मक्का मे अल हाजर उल अस्वद AL HAJAR UL Aswad कहलता है, व्यास DIAMETER में 30 सेंटीमीटर, जमीन के ऊपर 5 फीट खड़ा

यह काबा के दक्षिण पूर्वी कोने का पत्थर है । यहाँ इसकी नकल की हुई है । हिंदू धर्म वास्तु में शुभ कोना 'कन्नि मूल Kanni moola' या उत्तरी पश्चिम कोना है।

सभी मंदिरों में हिंदु पश्चिम की दिशा में नमन करते हैं जबकि देवता के दरवाजे पूर्व की दिशा में होते हैं

काबा पत्थर पर संस्कृत में शिलालेख INSCRIPTIONS थे ।


 वैदिक प्रथाओं में भक्तों को सहज सफेद चादर में मंदिरों में प्रवेश करने की आवश्यकता होती है।

वैदिक प्रदीक्षणम pradikshanam (परिक्रमा) CIRCUMAMBULATION दक्षिणावर्त CLOCKWISE , गोल 7 बार चल कर की जाती है । मुसलमान अब पत्थर को चूम नहीं सकते जो शरीर के सात चक्रों को स्क्रीए कर देता है, जैसा पैगंबर ने करा था, क्योंकि मध्य युग में पत्थर टूट गया था और अब चांदी और कीलों द्वारा जोड़ा गया है | भक्त अब उसकी तरफ उंगली उठा कर या हाथ जोड़ कर प्रत्येक 7 उल्टे दक्षिणावर्त चक्कर ANTI CLOCKWISE लगाते हैं |

रहस्यमय संख्या 786 कुरान में पवित्र है। यह सब अरबी कुरान पर छपा हुआ है, हालांकि कोई भी, यह क्या है व्याख्या करने में सक्षम नहीं हो पाया है। 

संस्कृत में ओम ( ध्वनि तरंग 7.83 यूनिट ) लिखें और एक दर्पण के सामने रखे और आप जादू की तरह देवनागरी लिपि में संख्या 786 देख सकते हैं ।

काबा सदियों से एक तीर्थ स्थल था, राजा विक्रमादित्य Vikramaditya के दिनो से-गुरु नानक ( एक गैर मुस्लिम ) भी वहाँ गए थे

ब्रिटैनिका विश्वकोश कहती है काबा में 360 मूर्तियाँ के साथ साथ राजा विक्रमादित्य का सोने में, एक मंदिर में है जिसे इशालयम Ishalayam कहते हैं | राजा विक्रमादित्य इस्लाम के जन्म होने के 7500 साल पहले राज करते थे  | मूर्ति पूजन इस्लाम में मना है |

भारतीय मुसलमानों का ऊपरी शब्दों को एक खुले दिमाग से पड़ना अति आवश्यक है | अंततः सारी प्राचीन वैदिक संस्कृति या जीवन जीने की शेली सारे भारतीयों एवं उप महाद्वीप की है -–ना की सिर्फ हिंदुओं की | वैदिक संस्कृति इस्लाम से 9500 साल पहले स्थापित है |


सरस्वती नदी के तट पर सरस्वती सभ्यता 9000 ईसा से 4000 ईसा तक पूरे विश्व सभ्यता का उद्गम स्थल है । सरस्वती नदी 4000 ईसा पूर्व में (प्रलय) धरती के टेक्टोनिक शिफ्ट TECTONIC SHIFT ने हिमालयी ग्लेशियर स्रोत में अवरुद्ध BLOCK करा जिस के कारण अभिजात वर्ग एवं जन मानस को मेसोपोटामिया, यूरोप, रूस के लिए और पूरे भारत में भारी संख्या में पलायन करना पड़ा । सिंधु घाटी सभ्यता INDUS VALLEY CIVILISATION सरस्वती नदी के सूखने के बाद शुरू हुई, और यमुना गंगा में तब से समाने लगी

मेरे पाकिस्तानी सेकंड इंजीनियर SECOND ENGINEER, जिसने कांधार KANDHAR और ईरान में कई वर्षों के तक धार्मिक अध्ययन किया , बताया की जितनी बार वो मक्का गया उसके दोस्त और रिश्तेदारों उसे दर्जनों रेशम के रूमाल, काले पत्थर पर रगड़ने के लिए देते । और जितनी बार वो कुछ समय लगाता , उसे किसी न किसी से कोड़ा या मार पड़ती जिसको ऐसा करने के लिए भत्ता दिया गया था | (उन को पीटने को जो समय बर्बाद करते हैं )
  
इब्ब्न बतूता की खोजे कहती हैं की कैलिकट केरल ( CALICUT KERAL ) के राजा चेमन पेरूमल CHEMAN PERUMAL का एक पुजारी एवं मुनीम था शिव मंदिर ( पश्चिम द्वारा कहा जाता है बुतपरस्त या प्रतिमा मंदिर PAGAN TEMPLE ) मक्का में जो ऊंटों के लिए एक पानी का नखलिस्तान या शाद्वल था , जेरूसलेम और पेट्रा के मार्ग के बीच में

जो कुछ कारणों के लिए, परेशान राजा ने मक्का के लिए यात्रा करने का फैसला किया , जैसे ही उसने सुना कि मोहम्मद ने इस्लाम की स्थापना की और एक काले पत्थर को , काबा के दक्षिण पूर्वी कोने में स्थापित कर दिया

उन्होंने केलिकट से सलालाह के लिए एक जहाज लिया और सलालाह से मक्का के लिए कारवां मार्ग से चले गए । उन्होंने वहाँ मोहम्मद से मुलाकात की , और इस्लामी चर्चा है कि वह इस्लाम से प्रभावित था और हिंदू से परिवर्तित हो कर मुस्लिम बन गया ।

केलिकट में राजा के दरबार, ने इस रूपांतरण का रिकॉर्ड नहीं है, हालांकि संदेश, वाहक कबूतरों और बाज़ के द्वारा तेजी से भेजे गए थे । इस्लामिया विश्वकोश ENCYCLOPEDIA ISLAMIA स्वीकार करता है की: मोहम्मद के दादा और चाचा ताऊ काबा मंदिर के वंशानुगत याजक या पुजारी थे जिसमे 360 वैदिक मूर्तियाँ राखी हुईं थी!” ब्रिटैनिका विश्वकोश BRITANNICA ENCYCLOPEDIA ने भी यह रिकॉर्ड करा है

इब्ब्न बतूता कहता है की चेरामन पेरूमल ने कुछ खट्टा केलिकट का अदरक का अचार मोहम्मद को दिया जिसने वह बड़े मज़े के साथ खाया | पैगंबर ने उसे अपने सहपाठियों में बाँट दिया । मुझे भी एक टुकड़ा खाने को मिला --हकीम कहता है अल मुस्थ्द्रक ‘al musthadrak में |

केलिकट वापस लौटते वक्त, राजा बीमार पड़ गए और सलालाह, ओमान में दफना दिया ( सलालाह में कुछ लोग कहते हैं की उन्हे वहाँ मारा गया था ).. यह एक तीर्थस्थल है, जैसा मुसलमान कहते हैं की हिन्दू राजा को मोहम्मद द्वारा परिवर्तित करने के बाद उन्हे हज़रत साएदीना मोहम्मदूर रसूल ने एक मुस्लिम नाम दिया गया तजुद्दीन


मोहम्मद पैगंबर के 632 ईस्वी में मरने के बाद , 8 जून , उनका वफादार शिष्य मलिक बिन दिनार केलिकट जहाज से 643 ईसा को पहुंचा , सलालाह में तजुद्दीन ( राजा चेरामन पेरूमाल ) की दरगाह देखने के बाद,

उसके हाथ में राजा चेरामन पेरूमाल का मलयाली में खत जिसमे केरल में मस्जिदों का निर्माण करने की मोहम्मद को अनुमति दे दी है । तो मलिक बिन दिनार पहला क़ाज़ी बना पहले मस्जिद में कोडुङ्गल्लूर KODUNGALLUR केरला में । कोडुङ्गल्लूर हिन्दू राजा चेरामन पेरूमाल के शासनकाल में त्योहारों का केंद्र था कि ।

नीचे वीडियो देखिये--



मुसलमान 786 के बदले वाक्यांश بسم الله الرحمن الرحيم bism iIllah ir-rahman ir-rahim (अल्लाह, दयालु, दयालु के नाम में)

बॉलीवुड फिल्म कुली में अमिताभ बच्चन पीतल का टैग 786 है, और उसका वरिष्ठ इस्लामी विद्वान कुली दोस्त उसे बताता है की इस्लाम में इस संख्या, हिंदू धर्म में ओम मंत्र के बराबर है ।

मोहम्मद 570 ईसा में जन्मा था | उन्होंने 620 ईस्वी में इस्लाम का प्रचार किया और 632 ईसा को निधन हो गया । इसका मतलब 62 साल का जीवन अंतराल, मोहम्मद खुद एक मुसलमान था आखिर के 10 वर्ष में । उससे पहले 52 साल वह एक गैर-मुसलमान –-एक प्रतिमा पुजारी A PAGAN । और उसने केलिकट के राजा चेरामन पेरूमाल के साथ मलयालम में बात की, अदरक का अचार खाते हुए..


CAPT AJIT VADAKAYIL
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